hale dil
पेड़ की छाँव में, बैठे-बैठे सो गए तुमने मुसकुरा कर देखा, हम तेरे हो गए तमन्ना जागी दिल में, तुम्हें पाने की तुम्हें पा लिया, और खुद तेरे हो गए कब तलक यों ही, दूर रहना पड़ेगा इस सोच में डूबे-डूबे, दुबले हो गए बिन पत्तों की, उस डाली को देखा तसव्वुर किया तुम्हारा, और कवि हो गए यों ही बैठे रहे, स...

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