ये आंसू नहीं शबनम है

ये आंसू नहीं शबनम है
इन्‍हें गुलाब के दिल में
छिपाकर रखना ।
ये आंसू नहीं मोती हैं
सीप के सीने में
बसा कर रखना ।

ये पानी नहीं खून है
दिल को ज़िंदा रखने
इसकी हिफ़ाज़त करना ।
ये अल्‍फाज़ नहीं, गज़ल है
ये मेरे दिल का एहसास हैं
तुम पढ़ों तो मेरा दर्द समझोगी
नहीं तो मज़ाक कर डालोगी ।

Comments

Popular Posts