कुछ रिश्ते छूट ही जाए
कुछ रिश्ते मेरे दिल के लिए खास है,
जिनकी यादें आज भी मेरे जेहन में मेरे पास है,
बीते हुए पल के कुछ लम्हों ने मुझे खामोश किया,
और उस पल के कुछ लम्हों ने मेरा परिहास किया,
जो हर पल बतलाते थे हम हैं खास और तुम्हारे पास,
ऐसे रिश्तो ने ही विश्वासघात किया है,
जीवन के इस रण में ऐसों ने ही आघात किया है,
कुछ खेल गए मेरे जज्बातों से और मुझे आहत किया है,
खूब मजे लिये जो मेरे हालातों से,
और कुछ ने जीवन भर के लिए मुझे उदास किया है,
कोई नहीं होता अपना दुःख में यह एहसास दिया है
ऐसे रिश्ते हाथ छुड़ाकर अब छूट रहे,
देख मुझे डूबता मझधार में ,
वह जानबूझकर मुझसे रूठ रहे,
कुछ बनकर अनजान बैठे किनारों पर हैं,
कुछ पहन मुखोटे जमकर मुझको लूटे है,
ऐसे रिश्ते टूट ही जाए,
उम्मीद अब तो छूट ही जाये,
अपनों की करा कर पहचान ,
चाहे कश्ती अब डूब ही जाए
ऐसे रिश्ते जिसमे न हो जीवन,
अब वो टूट ही जाए,

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