दोस्ती
दोस्ती
रिश्ते तो बहुत मिले ज़िंदगी के सफ़र में,
पर दोस्ती जैसा कोई रिश्ता खास नहीं।
जो बिना कहे दिल की बात समझ ले,
उससे बढ़कर दुनिया में कोई एहसास नहीं।
मुश्किलों में जो हाथ थामे रहे,
खुशियों में जो सबसे पहले मुस्कुराए।
वक़्त चाहे कितना भी बदल जाए,
सच्चे दोस्त कभी दिल से दूर न जाएँ।
दोस्ती नाम है उस खूबसूरत भरोसे का,
जहाँ शिकायतें कम और अपनापन ज़्यादा होता है।
सच्चा दोस्त वही है इस दुनिया में,
जो आपकी ख़ामोशी में भी आपका साथ देता है।
— स्वरचित रचना
प्रगति मिश्रा

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