मेरे नन्हे राजकुमार
मंद-मंद मुस्काता मुखड़ा, जैसे भोर की पहली लाली,
नन्हे कदमों में बसती देखो, जग की सबसे प्यारी दीवाली।
माथे की छोटी सी बिंदी, भाग्य का सुंदर श्रृंगार लगे,
तेरी भोली-भाली मुस्कान पर, स्वयं सारा संसार झुके।
तेरी आँखों में गहरा सागर, सपनों का अनमोल जहाँ,
उनमें झाँके जो भी इक पल, भूल जाए अपना हर ग़म वहाँ।
किलकारी तेरी जब गूँजे, मंदिर भी मुस्काता होगा,
लगता है हर रोज़ स्वयं, कान्हा तुझमें आता होगा।
नन्हे हाथों की मासूमियत, दुआओँ का विस्तार बने,
तेरे हर छोटे से कदम से, खुशियों का त्योहार बने।
ईश्वर ने फुर्सत से गढ़कर, तुझको धरती पर भेजा है,
ममता, स्नेह और प्रेम का जैसे, जीवित कोई सेहरा है।
ना तुझको दुःख की धूप छुए, ना आँसू तेरी राह मिलें,
जीवन की हर साँस तुझे बस, फूलों जैसी चाह मिलें।
तू हँसे तो किस्मत हँस दे, तू चले तो राह सँवर जाए,
तेरे आने भर से हर सूना, आँगन स्वर्ग-सा निखर जाए।
दुआ है—
चाँद तेरी मुस्कान से रोशन हो,
सूरज तुझसे उजियारा माँगे।
रब लिखे तेरी किस्मत ऐसी,
जहाँ हर सपना खुद तुझको माँगे।
मेरे नन्हे राजकुमार,
तू यूँ ही हँसता रह हर पल,
तेरी मासूम मुस्कान से ही

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