खता
मैं मुकद्दर से एक खता मैं रोज करता हूं ,
मैं खुद से भी ज्यादा अपने यार से प्यार करता हूं,
सुना है वह भी मोहब्बत हम से करते हैं,
ना जाने क्यों वह जाहिर करने से डरते हैं,
वह मैं हूं जो उनकी आंखों में समाया ,
नजरों को छुपा के वह जाहिर कर देते हैं,
अभी शायद शिकायत है उनको मुझसे,
तभी तो वो नजरों से देख के घायल कर देते हैं,

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