PRAGATI KI KALPANA

Comments

  1. रात की खामोशी रास नहीं आती,
    मेरी परछाई भी अब मेरे पास नहीं आती,

    कुछ आती है तो बस तेरी याद,
    जो आकर एक पल भी मुझसे दूर नहीं जाती

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